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विद्यार्थी मामले की टीम

जैसन मंजली, पीएचडी । डीन, विद्यार्थी मामले

जैसन ने भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर में विस्तृत विद्यार्थी मामले की कार्यावली विकसित करने में गहन दिलचस्पी दिखायी है। विद्यार्थियों के लिए उन तक पहुँचना काफी सुलभ है तथा वे उन्हें सुनने के लिए तैयार रहते हैं। वे विभिन्न विद्यार्थी-गतिविधियों में नवीनता लाने के लिए निरन्तर प्रोत्साहित करते रहते हैं।

वे प्रशिक्षण से एक दार्शनिक हैं। वे भा.प्रौ.सं. खड़गपुर से दर्शन विज्ञान में पीएचडी हैं तथा आजकल नैतिक निर्णय-लेने, एजेन्सी और एक्शन की भावना पर कार्य कर रहे हैं। अपने खाली समय में वे राजनीतिक रोमांचकारी साहित्य पढ़ना, बैडमिण्टन खेलना तथा उस फिल्म का सपना देखना पसन्द करते हैं जिसे वे दूरस्त भविष्य में निर्देशित करेंगे।

अतुल भार्गव, पीएचडी । सह डीन, विद्यार्थी मामले

अतुल को विद्यार्थियों के साथ बतचीत करना काफी अच्छा लगता है क्योंकि वे भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर के वातावरण में ताजी ऊर्जा लाते हैं। वे संकाय और विद्यार्थियों के मध्य बेहतर संलग्नता और पारस्परिक विचार-विमर्श चाहेंगे, तथा यह विश्वास करते हैं कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर को भारत में अन्य विश्वविद्यालयों से आगे जाने का मौका है।

वे अपनी दैनिक नौकरी में एक यांत्रिक अभियंता हैं जिनकी शोध रुचि ऊर्जा में है। उन्हें मैरीलैंड विश्वविद्यालय से पीएचडी तथा भा.प्रौ.सं. मद्रास से बीटेक डिग्री प्राप्त है। उन्हें संगणन सिमुलेशन और प्रदर्शनकारी परियोजनाओं के अतिरिक्त प्रयोगशाला में कार्य करना पसन्द है। उन्होंने परिसर में एक ईंधन शोध प्रयोगशाला स्थापित किया है, तथा वे अवर-स्नातक और अधिस्नातक विद्यार्थियों को अभियांत्रिकी तकनीक पढ़ाने की तीव्र इच्छा रखते हैं।

गौरव श्रीवास्तव, पीएचडी। संयोजक, नियुक्ति व अंतःशिक्षुता

गौरव यह कथन मानते हैं जो प्लूटार्क ने सदियों पहले कहा थाः “मस्तिष्क प्रज्वलित करने हेतु अग्नि समान है न कि भरने के लिए एक पात्र” तथा विद्यार्थियों के साथ सभी पारस्परिक विचार विमर्श में इस दर्शन का अनुसरण करने की कोशिश करते हैं। वे विद्यार्थियों के साथ कई स्तर पर, कक्षा के अन्दर और बाहर तथा अनौपचारिक खेलकूद कार्यक्रमों में जुड़ना पसन्द करते हैं।

गौरव मुख्य रूप से संगणनात्मक प्रक्रिया तथा अनसर्टेनिटी क्वान्टीफिकेशन के क्षेत्र में काम करते हैं। उनके वर्तमान प्रयत्न साइमलेशन-आधारित फ्रेमवर्क का प्रयोग करते हुए विभिन्न अग्नि-घटना दृश्यों के विषय में संरचना के व्यवहार का अध्ययन कर अग्नि के मामलों में सिविल संरचना की सुरक्षा को बेहतर बनाने की तरफ उन्मुख हैं।

अनिर्बन दासगुप्ता, पीएचडी । वॉर्डन, लड़कों का नया छात्रावास

अनिर्बन विद्यार्थी मामले की टीम का एक हिस्सा होकर खुश हैं क्योंकि यह उन्हें शैक्षणिक क्षेत्र से बाहर विद्यार्थियों के परिसर-जीवन के एक विस्तृत परिप्रेक्ष्य को जानने में सहायता करता है। अनिर्बन दृढ़ता से विश्वास करते हैं कि विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास में निवेश एक मुख्य अन्तर करने वाला पहलू है जो भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर को वर्तमान तथा भविष्य में भिन्न करता है।

शैक्षणिक मोर्चे पर, अनिर्बन को एल्गोरिदम समस्याओं पर काम करने में रुचि है, विशेषतः उस पर जो आधुनिक रूप में “बिग डाटा” के रूप में जाना जाता है चाहे वे वेब पोर्टल, बड़े विज्ञान-प्रयोगों से आते हैं, या समाजिक विज्ञान से सम्बन्धित हैं। वे अधिकतर उन समस्याओं में दिलचस्पी लेते हैं जो उन्हें उपपाद्य को साबित करने के साथ ही कुछ कोड लिखने की अनुमति देती हैं। वे अक्सर अपने कार्यालय के फर्श पर आराम करते पाए जाते हैं।

उत्तमा लाहिड़ी, पीएचडी | वॉर्डन, लड़कियों का छात्रावास

उत्तमा विद्यार्थियों में शामिल होने या उनके साथ भागेदारी से आनंदित होती हैं। उनके लिए, हर विद्यार्थी अपनी पसन्द, नापसन्द, विचार तथा सोच के साथ एक स्वतंत्र व्यक्ति है।

उत्तमा एक विद्युत अभियंता हैं जिन्हें प्रभावशाली आकलन में प्रयोग किए मानव कंप्यूटर इन्टरेक्शन पर आधारित आभासी वास्तविकता, चक्षु मार्गन और फिजियोलॉजी आधारित मॉडलिंग तकनीक तथा संज्ञानात्मक अध्ययन में प्रयोग किए मानव रोबॉट इन्टरेक्शन में शोध रुचि है। उन्हें वान्डरबिल्ट विवि, सं.रा. अमेरिका से पीएचडी मिला है तथा उन्होंने भा.प्रौ.सं. खड़गपुर से एमटेक किया है। उन्हें ऑटिज़्म से प्रभावित बच्चों तथा वृद्धों के लिए स्ट्रोक पुनर्वास मंच के लिए प्रयोग उन्मुख योजनाओं तथा उनके समाधान पर कार्य करना पसन्द है।

सुधांशु शर्मा, पीएचडी । वॉर्डन, अशोक विहार छात्रावास

सुधांशु विद्यार्थियों को घर जैसा एहसास दिलाने में सहायता करने के लिए बहुत इच्छुक रहते हैं। वे उनके लिए बहुत प्रतिबद्ध हैं तथा उनसे मिलने के लिए सहज उपलब्ध रहते हैं।

एक रसायनशास्त्री होने के चलते आप उन्हें विभिन्न रंगीन कंपाउन्ड्स तथा द्रव्य के साथ खेलते हुए पा सकते हैं। वे यांत्रिक, रसायन तथा विद्युत अभियंताओं के साथ बहुत नजदीकी से कार्य करते हैं। उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलोर से पीएचडी तथा भा.प्रौ.सं. रुड़की से अधिस्नातक किया है। वे भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर में हरित कार्यालय के संयोजक हैं। वे एक आवेशपूर्ण कवि हैं तथा कभी-कभी गाते भी हैं।

कबीर जसुजा, पीएचडी । प्रधान, परामर्श

कबीर हमेशा विद्यार्थियों को भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर की उनकी यात्रा में पथ प्रदर्शन तथा सहायता के लिए उपलब्ध रहते हैं। वे विद्यार्थियों के मौलिक शैक्षणिक आधार बनाने के लिए पीयर असिस्टेड लर्निंग कार्यक्रम का समायोजन करते हैं।

उन्होंने भा.प्रौ.सं. खड़गपुर (2007) से बीटेक तथा कैनसस राजकीय विवि (2011) से पीएचडी किया है। अपने शोध में उन्होंने ग्राफीन में नैनोशीट्स एनालॉगस के संश्लेषण करने के विज्ञान को अनावरण करने का प्रयास करते हैं, जो आश्चर्यजनक नैनोमैटेरियल है तथा जिसके कारण 2010 में भौतिक विज्ञान में नोबल पुरस्कार मिला। अपने खाली समय में वे लंबी यात्रा पर जाना तथा अपने विचारों को लिखना पसन्द करते हैं।

जसबीर कौर थडानी । परामर्शदाता मनोवैज्ञानिक

जसबीर हार्दिक व जिज्ञासु तरह से युवाओं के साथ वार्तालाप का आनन्द उठाती हैं, जहाँ वे जीवन के करीब सभी पहलुओं को साझा करते हुए विवेचना व बातचीत करती हैं। वे मानती हैं कि बंदिश व आलोचना रहित वातावरण एक व्यक्ति को समग्रता से बढ़ने में सहायता करता है।

उन्होंने गुजरात विवि से मनोविज्ञान में अधिस्नातक किया है। उनका विशिष्ट क्षेत्र “भावुक परिपक्वता” है। परामर्श में उनका मानववादी दृष्टिकोण, भावुकता से बुद्धिमान होने पर जोर देता है। परामर्श के अतिरिक्त उनकी दिलचस्पी मानवीय व्यवहार के बारे में पढ़ने तथा लिखने में है।

सी एस शर्मा । संयोजक, संचार एवं जीवन कला कार्यक्रम

सी एस शर्मा ने अंग्रजी, हिन्दी तथा शिक्षा में क्रमानुसार राजस्थान, गुजरात तथा अन्नामलाई विवि से तिहरी अधिस्नातक डिग्री लिया है। उन्होंने करीब 50 वर्षों तक विभिन्न पदों पर एक शिक्षक, तथा शैक्षणिक प्रशासक के तौर पर कार्य किया है। उनकी प्रमुख दिलचस्पी का क्षेत्र शिक्षा के जरिए राष्ट्र को मजबूत करने के कार्य में संलग्न विद्यार्थी, माता-पिता तथा अन्य को मार्गदर्शन तथा परामर्श देने का है। अंग्रेजी, हिन्दी तथा व्यक्तिव विकास पर उनके व्याख्यान अच्छी तरह से प्राप्त हो रहे हैं।

सी एस शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए कई पुरस्कार तथा मान्यताओं से सम्मानित किया गया है।

नितिन जॉर्ज, पीएचडी । संयोजक, डॉक्टरल विद्यार्थी

नितिन भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर के वार्षिक तकनीकी सम्मेलन, अमल्थिया के लिए विद्यार्थी टीम के मुख्य सलाहकार की तरह कार्य करते हैं। वे अध्यापन पसन्द करते हैं तथा गणना तथा सामग्री के संबंध में भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर शोध कार्य में नई ऊँचाई को अनवरत आगे बढ़ाते हैं। उनके लिए सलाह तथा पथ प्रदर्शन एक जुनून तथा पेशा है।

नितिन ने अपनी पीएचडी भा.प्रौ.सं. भुवनेश्वर तथा एमटेक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान राउरकेला से प्राप्त किया है। वे सिग्नल प्रोसेसिंग प्रक्रमन पढ़ाते हैं तथा अपना समय शोध में लगाते हैं जबकि उनकी दिलचस्पी ध्वनि विज्ञान तथा कृत्रिम बुद्धि में है। यद्यपि उनका बिना बालों का सर आपको धोखे में डाल सकता है, पर आश्वस्त रहें कि वे काफी युवा तथा हंसमुख व्यक्ति हैं।

शिवप्रिया किरुबाकरन, पीएचडी । संयोजक, अधिस्नातक छात्र

अभी भी दिल से युवा विद्यार्थी, शिवप्रिया, जीवन्त विद्यार्थी मामले की टीम का एक हिस्सा होने पर खुश हैं। वे दृढ़ता से विश्वास करती हैं कि विद्यार्थियों तथा संकाय के मध्य स्वस्थ सम्बन्ध भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर की बुनियाद को बहुत मजबूत बनाएगा।

वे एक रसायन जीव विज्ञानी हैं तथा उन्होंने अपना पीएचडी (जैविक रसायन विज्ञान) भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलोर तथा पोस्ट-डॉक्टरल शोध (कैंसर जीव विज्ञान) हार्वर्ड तथा एमआइटी से प्राप्त किया है। वे कैंसर तथा संक्रामक रोगों के लिए कम लागत की खोज में छोटे अणुओं का प्रयोग करते हुए विभिन्न कोशिका मार्ग अन्वेषण करने के लिए इच्छुक हैं। विज्ञान के अतिरिक्त वे यात्रा करना तथा खाना बनाना पसन्द करती हैं।

श्रीनिवास रेड्डी, पीएचडी । परामर्शदाता, सांस्कृतिक कार्यक्रम

श्रीनिवास छात्रों के साथ समय बिताना पसन्द करते हैं। हम सभी एक बड़े परिसर परिवार का एक हिस्सा हैं, तथा कक्षा के अन्दर तथा बाहर दोनों के साथ पारस्परिक सम्बन्ध है, जो एक जुटता की भावना के सृजन के लिए अनिवार्य है। कई रास्तों में से, कला एक है जो समुदाय को समृद्ध करने के एहसास का निर्माण करती है।

श्रीनिवास ने अपने दादा के साथ संस्कृत पढ़ना शुरु किया। बाद में उन्होंने ब्राउन विवि तथा यूसी बर्कले में शास्त्रीय दक्षिण एशियन भाषा तथा साहित्य की शिक्षा प्राप्त किया। 2010 में पेनग्विन बुक्स ने कृष्णदेवराय के तेलुगु महाकाव्य अमुक्तमल्यदा का साहित्यिक अनुवाद, गिवर ऑफ द वोर्न गारलेंड प्रकाशित किया। उनका सबसे हाल का प्रकाशन है दि डांसर एंड दि किंग, जो कालीदास के प्रथम नाटक मालविकाग्निमित्रम का नया अनुवाद है। श्रीनिवास एक समारोह सितारवादक हैं तथा विश्वभर में उन्होंने अनगिनत संगीत कार्यक्रम पेश किए हैं।

सुपर्ब मिश्रा, पीएचडी । परामर्शकर्ता, तकनीकी गतिविधियाँ

एक स्नातक विद्यार्थी के जीवन के अगले कुछ वर्ष तनाव और मज़ाक का मिश्रण होने के लिए बाध्य हैं और वे दृढ़ता पूर्वक विश्वास करते हैं कि शिक्षाविद् इस कार्य में संतुलन लाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। भा.प्रौ.सं. गाँधीनगर में शिक्षाविद् न सिर्फ तकनीकी कौशल का संचार करने को अपनी प्रगति में शामिल करते हैं बल्कि छात्रों को अपने ज्ञान का प्रयोग के लिए उनमें व्यवहारवाद तथा आत्मविश्वास लाते हैं।

सुपर्ब ने मैनचेस्टर विवि (यूके) से अपना बी.ई पूरा किया तथा इंपीरियल विवि लंदन (यूके) से बायोमैटेरियल में अपना पीएचडी किया। यद्यपि प्रशिक्षण से यांत्रिक अभियंता होने के चलते, उनका बढ़ते हुए बैक्टेरिया-सेल्स तथा बायोमेडिकल चिकित्सीय निर्माण पर मानवीय सेल की वृद्धि को बढ़ावा देने का उनके अनुभव ने उन्हें अन्तरविषयक तथा अनुप्रयोग आधारित शोध की अनुपम धारणा दिया है। अपने सफर के अनुराग से प्रेरित वे महसूस करते हैं कि यात्रा करना सर्वोत्तम अध्ययन कक्ष है तथा अगर मौका मिले तो वे अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर बातचीत करने से नहीं चूकेंगे।